तीन को कैद, दो बरी और दो पर वारंट—बरेली कोर्ट के फैसलों से हलचल!
बरेली: बरेली। गैंगस्टर एक्ट के मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को तीन-तीन साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य मामले में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। शुक्रवार को आए इन फैसलों से आपराधिक मामलों में अदालत की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में रही।
विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने फरीदपुर थाना क्षेत्र के पहलाज निवासी रघुनंदन, कल्लू (सगे भाई) और अमर सिंह को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी करार दिया। तत्कालीन थाना प्रभारी वीपी कसाना ने छह नवंबर 2007 को तीनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

दूसरे मामले में दो आरोपी बरी
दूसरा मामला सीबीगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इस मामले में भोजीपुरा थाना क्षेत्र के अलीनगर निवासी भूरा और आसपुर गौटिया निवासी हसन खां को गैंगस्टर एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ गवाह और साक्ष्य पेश किए गए, लेकिन अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को बरी करने का फैसला सुनाया।
डकैती के दो आरोपियों के खिलाफ स्थायी वारंट
एक अन्य मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राजेंद्र मणि ने डकैती के आरोपी फतेहगंज पश्चिमी निवासी वाजिद उर्फ शहीद और नन्हे के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए हैं। दोनों के खिलाफ वर्ष 2008 में मामला दर्ज हुआ था। लंबे समय से अदालत में पेश न होने पर 22 सितंबर को उन्हें फरार घोषित किया गया था। अब एसएसपी बरेली को दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया है।
अदालत के इन फैसलों में जहां तीन आरोपियों को सजा मिली, वहीं अन्य मामलों में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर आरोपियों को राहत भी मिली।



