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पीलीभीत में मतदाता सूची पर बड़ा बवाल, दो SDM समेत तीन पर FIR; जिला मुख्यालय अटैच

जोशी टाइम्स डेस्क बरेली • 22 अक्टूबर 2026, 09:21 PM
2 मिनट 53
पीलीभीत में मतदाता सूची पर बड़ा बवाल, दो SDM समेत तीन पर FIR; जिला मुख्यालय अटैच

पीलीभीत। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर पीलीभीत में प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर दो एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। तीसरे आरोपी के रूप में कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार का नाम सामने आया है।

फॉर्म-8 के जरिए मतदाताओं के विवरण में बदलाव का आरोप

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मामला पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से जुड़ा है। शिकायतों के अनुसार, कुछ मतदाताओं के वोटर पहचान पत्र (EPIC) नंबर ऑनलाइन दर्ज करने पर दूसरे व्यक्ति का विवरण दिखाई दे रहा था। प्रारंभिक जांच में मतदाता सूची से जुड़ी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।

दोनों एसडीएम हटाए गए, कंप्यूटर ऑपरेटर पर भी कार्रवाई

निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को उनके मौजूदा कार्यक्षेत्र से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त किए जाने की भी खबर है। इसके बाद सहायक निर्वाचन अधिकारी की तहरीर पर शहर कोतवाली में तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

कितने वोटों में गड़बड़ी का दावा?

इस मामले में कांग्रेस ने 13,150 से अधिक मतदाताओं के विवरण में गड़बड़ी समेत कुल 16,504 मतों में कथित हेरफेर का दावा किया था। समाजवादी पार्टी ने भी मतदाता सूची को लेकर शिकायत उठाई थी। हालांकि, ये राजनीतिक दलों के दावे हैं; इन सभी आंकड़ों और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच से ही होगी।

अब आगे क्या होगा?

रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने मतदाता सूची में सामने आई गड़बड़ियों को ठीक कराने और जिले की सभी चार विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कराने की बात कही है। जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

बड़ा सवाल: मतदाता सूची जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में आखिर गड़बड़ी कैसे हुई और शिकायतों के बाद जिम्मेदारी किसकी तय होगी? अब सबकी नजर जांच और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर है।

नोट: एफआईआर दर्ज होना आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और दोष का अंतिम निर्धारण जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा।

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